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पीएम किसान समृद्धि केंद्र कैसे खोलें?

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प्रधानमंत्री मोदी ने देश में की शुरुआत की है। साथ ही इसमें रोजगार का अच्छा अवसर भी मिल रहा है। तो इस लेख में हम प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के बारे में बिस्तार से बात करेंगे। यहाँ आपको लाभ एवं इसे कहाँ पर चालू करे? किसान समृद्धि केंद्र का आवेदन कैसे करें। सभी जानकारी मिल जाएगी। किसान समृद्धि केंद्र क्या है? किसानो की खेती की जरूरतों को पूरा करने के लिए इंतजार करना पड़ता है। या अन्य प्रकार की योजना बनानी पड़ती है। किसान समृद्धि केंद्र से खेती की जरूरत को आसानी से पुरा किया जा सकेगा। अगर आप किसान है या बेरोजगार है तो आप किसान समृद्धि केंद्र खोल सकते है। जो आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण हो सकती है।  प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र एक योजना है जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किसान हित में शुरू किया है। यह कृषि आधारित योजना है। जिसमे कृषि से संबंधित सामिग्री जैसे खाद , बीज , उर्वरक , दवाएं, सलाह एवं कृषि मशीन उपकरण तथा मिटटी के परीक्षण की सुविधा आसानी से मिल जाती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 17 अक्टूबर को इस योजना की शुरुआत करते हुए किसान समृद्धि केंद्र का उद्घाटन किया...

किसान क्रेडिट कार्ड: किसानों के लिए वित्तीय सहायता

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किसानों की कृषि जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की। जिसे केसीसी कहा जाता है। किसान क्रेडिट कार्ड एक ऐसा ऋण है जो किसानों को 4% ब्याज पर ऋण प्रदान करता है। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं। सभी किसानों के पास केसीसी कार्ड होना चाहिए। किसान क्रेडिट कार्ड योजना क्या है? किसानों को कृषि कार्य के लिए पैसों की जरूरत होती है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत किसानों को केसीसी कार्ड या ग्रीन किसान क्रेडिट कार्ड नाम से क्रेडिट कार्ड दिया जाता है। इस योजना को केंद्र सरकार, आरबीआई और नाबार्ड ने मिलकर 1998 में शुरू किया था। इस कार्ड के जरिए किसान आसानी से कृषि लोन ले सकते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसान बिना किसी गारंटी के आसानी से 1 लाख 60 हजार रुपये तक का लोन ले सकते हैं। इस योजना में 4 फीसदी ब्याज देना होता है। केसीसी योजना का उद्देश्य हम सभी जानते हैं कि भारतीय किसानों को खेती के लिए आवश्यक जरूरतों जैसे खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए अक्सर पास के साहूकारों से पैसे लेने पड़ते हैं। बदले में किसानों ...