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अप्रैल, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

खरबूजा की खेती से कम समय में अधिक मुनाफा

अगर आप खरबूजा की खेती कर रहे हैं। तो यहां पर इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई है। खरबूजा देखने में जितना स्वच्छ, चमकीला होता है। खाने में इतना ही मीठा एवं पौष्टिक होता है। यह हमारे लिए गर्मियों में खाने के लिए बेहतरीन फलों में से एक है। इसकी खेती गर्मियों में की जाती है। इस समय इसकी मांग अधिक होती है। जो किसान गर्मियों में खरबूजा की खेती करते हैं। वह इससे अच्छी आमदनी करत सकते है। खरबूजा की खेती कैसे करें ? यह एसी फसल है जो कम पानी तथा कम लागत में भी संभव है। खरबूजा की कीमत गर्मियों में अधिक मिलती है क्योंकि यह अनेक गुड़ों से भरपूर होता है। खरबूजा खाने से पेट की समस्या में राहत मिलती है। खरबूजा की खेती पुरे साल की जाती है।लेकिन देश के उत्तरी भाग में इसकी खेती गर्मियों में की जाती है। चलिए खरबूजा की फसल के बारे में पूरी बात करते हैं। बुवाई का समय खरबूजा को देश के कई क्षेत्रो में उगा सकते हैं। यहां किसकी खेती सालभर की जाती है। देश के उत्तरी भाग में किसान इसकी खेती 15 फरवरी से करना प्रारंभ कर देते हैं। यह समय इसकी खेती के लिए उत्तम होता है। यह महीना Kharbuza ki kheti के लिए अच्छा माना ज...

मिट्टी की उर्वरता कैसे बढ़ाई जा सकती है?

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अगर आप अच्छा फसल उत्पादन लेना चाहते है तो मिटटी की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के उपाय कर लेना चाहिए। अगर आप अच्छी फसल के लिए मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के आसान तरीके खोज रहे है, तो यहाँ पर इसके बारे में जानकारी दी गयी है। उपजाऊ मिट्टी में सही मात्रा में आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर और ट्रेस तत्व, जो पौधों की वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक हैं। मिट्टी की उर्वरता विभिन्न प्रकार के कारकों से प्रभावित होती है, जिसमें जलवायु, स्थलाकृति, मूल सामग्री, समय, जीव और मानव गतिविधि शामिल हैं। मिट्टी की उर्वरता को कार्बनिक पदार्थों को जोड़ने, उर्वरकों को लागू करने, फसलों को घुमाने और मिट्टी के कटाव और संघनन को प्रबंधित करने जैसी प्रथाओं के माध्यम से सुधारा जा सकता है। मृदा की उर्वरता बढ़ाने के उपाय स्थायी कृषि और खाद्य सुरक्षा के लिए मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि यह सीधे फसल की उपज और गुणवत्ता को प्रभावित करता है। उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग और खराब मिट्टी प्रबंधन प्रथाओं से समय के साथ मिट्टी का क्षरण और उर्वरता में कमी आ सकती ह...

10 ट्रेंडिंग एग्रीकल्चर बिज़नेस आईडिया

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खेती की बढ़ती लागत के साथ-साथ खेती से घटती आय किसानों के लिए चिंता का विषय है। इसलिए किसान हमेशा पारंपरिक खेती के साथ-साथ किसी अन्य कृषि व्यवसाय के बारे में भी जानना चाहते हैं। ट्रेंडिंग एग्रीकल्चर बिजनेस आइडियाज | जिससे अतिरिक्त आय उत्पन्न हो सके। खेती के साथ आप कुछ ऐसे बिजनेस भी कर सकते हैं. ट्रेंडिंग एग्रीकल्चर बिज़नेस आइडियाज़ इन हिंदी जो अच्छी आय उत्पन्न कर सकते हैं। कई सरकारी योजना तथा निजी संस्थान कृषि व्यवसाय के लिए प्रदान करते हैं। लोन लेने से पहले संबंधित संस्था की लोन के लिए प्रक्रिया एवं नियम अलग-अलग हो सकती हैं। इसकी आपको स्वयं जांच कर लेनी चाहिए। सरकारी योजना से लोन लेने पर कम ब्याज दर हो सकती है। वहीं अन्य पर यह काफी अधिक हो सकती है। लाभकारी कृषि व्यवसाय विचार अगर आप भी खेती करते हैं, तो इसके साथ ही आप स्टार्टअप या बिजनेस शुरू कर सकते हैं। यह एग्रीकल्चर बिजनेस आइडिय आपको अच्छी आमदनी दे सकती हैं। जिनसे घर बैठे कृषि के साथ आमदनी कर सकते हैं। यहां पर आपको खेती के साथ सबसे अच्छे कुछ बिजनेस तरीके के बारे में जानेंगे। यह ऐसे एग्रीकल्चर बिजनेस आइडिया है। जिन्हें कई लोग लाखो...

कृषि में नौकरी तथा स्टार्टअप में स्कोप

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अगर आपने 12वीं पास कर ली है तो इंटर के बाद आप एग्रीकल्चर में बीएससी कर सकते हैं। बीएससी एग्रीकल्चर करके आप अच्छा स्कोप पा सकते हैं। जो पुरुष/महिला कृषि क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। बीएससी भविष्य में AG उनके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. वे एग्रीकल्चर कोर्स करके सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में नौकरी कर सकते हैं। बीएससी एग्रीकल्चर में बहुत अच्छा स्कोप मिल सकता है। Agriculture से Bsc करने पर आप अपने आगे की योजना बना सकते है। साथ ही बात करेंगे की भविष्य में बीएससी एग्रीकल्चर का स्कोप क्या है। बीएससी एजी (Bsc Ag.) सुनहरे फ्यूचर के लिए एक अच्छा कोर्स हो सकता है। इसमें नौकरी के क्षेत्र में बहुत स्कोप है। एग्रीकल्चर से बीएससी करके कृषि क्षेत्र में आसान व अच्छी जॉब पा सकते है। बीएससी एग्री एक चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम है। जो छात्रों को फसल उत्पादन, पशुपालन, मृदा विज्ञान, पौधों की विकृति और कृषि अर्थशास्त्र सहित कृषि क्षेत्र की व्यापक समझ प्रदान करता है। कार्यक्रम के पाठ्यक्रम में सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शामिल है। जो छात्रों को कृषि क्षेत्र में कुशल बनने के ...