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एग्रीश्योर योजना: स्टार्टअप के लिए फंड योजना

एग्रीश्योर योजना: स्टार्टअप्स के लिए फंड योजना, AgriSure Yojana: Fund Scheme for Startups
Agrishyor Yojana

AgriSure Fund Scheme भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र के भीतर मौजूद इनोवेटिव, टेक्नोलॉजी-आधारित स्टार्ट-अप्स और ग्रामीण उद्यमों को सहायता प्रदान करना है। यह फसल बीमा, बीज और उर्वरकों पर सब्सिडी, तथा किसानों के लिए टेक्नोलॉजी और प्रशिक्षण तक पहुँच जैसे पहलुओं पर केंद्रित है।

एग्रीश्योर फण्ड योजना

एग्रीश्योर योजना भारत सरकार की एक पहल है जो किसानों को विभिन्न लाभ प्रदान करके कृषि क्षेत्र को बढ़ाने के लिए बनाई गई है। बजट वर्ष 2023-2024 के दौरान माननीय वित्त मंत्री ने कृषि स्टार्टअप को बढ़ावा देने के उद्देश्य से NAVARD को एक फंड सौंपा। जो सह-निवेश मॉडल के तहत मिश्रित पूंजी का वित्तपोषण करती है।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. किसानों के लिए खेती को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एग्री श्योर फंड नाम से एक नई योजना शुरू की गई है। जिसे कृषि निधि के नाम से भी जाना जाता है। यह योजना नए स्टार्टअप को पूंजी उपलब्ध कराएगी। एग्री श्योर के तहत 750 करोड़ रुपये. फंड की व्यवस्था कर दी गई है.

लगातार घटती भूमि जोत को देखते हुए किसानों की आय बढ़ाना आसान नहीं है। अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति सुधारना चुनौतीपूर्ण है। सरकार किसानों को उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित कर रही है। इसी क्रम में सरकार ने एग्री श्योर योजना की शुरुआत की. इसका पूरा नाम एग्री फंड फॉर स्टार्ट-अप्स एंड रूरल एंटरप्राइजेज (एग्रीश्योर) योजना है। यह योजना केंद्रीय कृषि एवं कल्याण मंत्री "श्री शिवराज सिंह चौहान" द्वारा शुरू की गई है।

धन की व्यवस्था कैसे होगी?

एग्री श्योर फण्ड योजना में स्टार्टअप के लिए कुल 750 करोड़ रु. होंगे। जिसमे 250 करोड़ भारत सरकार का योगदान होगा। 250 करोड़ नाबार्ड का योगदान होगा। बाकि 250 करोड़ की रकम बैंक, बीमा कम्पनी, और निजी निवेशकों से जुटाई जाएगी। यह योजना उद्योग सम्बंधित आंतरिक व्यापर विभाग (DPIIT) से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में ही निवेश करेगी। एग्री श्योर योजना में एक स्टार्टअप में निवेश के लिए न्यूनतम 2 करोड़ एवं अधिकतम 25 करोड़ रु. तक ही दिए जाएंगे। (हलांकि न्यूनतम की सीमा तय नहीं है।)

योजना (कृषि निधि) के लाभ

  1. इनोवेशन पर फोकस: इस फंड का लक्ष्य प्रौद्योगिकी-संचालित समाधानों का समर्थन करना है जो कृषि उत्पादकता में सुधार कर सकते हैं, लागत कम कर सकते हैं और किसानों की आय बढ़ा सकते हैं।
  2. उच्च जोखिम, उच्च प्रभाव: यह फंड उन उद्यमों को समर्थन देने के लिए डिज़ाइन किया गया है जिनमें कृषि क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने की क्षमता है, भले ही उनमें उच्च जोखिम शामिल हों।
  3. इक्विटी और ऋण समर्थन: यह फंड स्टार्ट-अप को इक्विटी और ऋण पूंजी दोनों प्रदान कर सकता है।
  4. क्षेत्र-विशिष्ट और क्षेत्र-अज्ञेयवादी निवेश: यह फंड सेक्टर-विशिष्ट और सेक्टर-अज्ञेयवादी एआईएफ दोनों के साथ-साथ सीधे स्टार्ट-अप में भी निवेश कर सकता है।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों जैसे उत्पादकता में सुधार, फसल के बाद के नुकसान को कम करना और बाजार पहुंच बढ़ाना जैसी नवीन समाधानों पर काम करने वाले स्टार्ट-अप को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

  • वित्तीय सहायता: यह योजना स्टार्ट-अप को महत्वपूर्ण वित्तीय संसाधन प्रदान करती है, जिससे उन्हें अपने संचालन को बढ़ाने और बड़े बाजार तक पहुंचने में मदद मिलती है।
  • ग्रामीण विकास: यह योजना ग्रामीण उद्यमों का समर्थन करती है, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देती है और रोजगार के अवसर पैदा करती है।
  • फण्ड अवधि: सरकार ने फण्ड की अवधि तय की है जिसे स्थापना के दिन से अगले १० वर्षों तक है जिसे अधिकतम २ साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
  • नए स्टार्टअप की संख्या: एग्री श्योर फण्ड के अंतर्गत शुरुआत में 85 नए स्टार्टअप शुरू किये जायेगे।

किसानों को कैसे होगा फायदा?

किसानों को योजना का लाभ देने के लिए कृषि क्षेत्र को शामिल किया गया है। जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। एग्री श्योर योजना के तहत लक्षित कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्र में सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, फार्म मशीनीकरण, जैव प्रौद्योगिकी, अपशिष्ट प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि आदि शामिल होंगे। योजना में नवाचार को बढ़ावा देने और नए विचारों के साथ नए उद्यमियों को आकर्षित करने का प्रयास किया गया है।

क्या सिर्फ किसानों को शामिल किया जाएगा?

एग्री श्योर में किसान होना जरूरी नहीं है। बिजनेस स्टार्टअप उद्यमियों के रूप में विचार रखने वालों को आमंत्रित किया जाता है। इस योजना में ऐसी इकाइयाँ शामिल हैं जिनके पास कृषि और ग्रामीण नवीन व्यावसायिक विचार हैं जो इसे आगे बढ़ाने में सक्षम हैं। किसान एफपीओ या फार्मर कंपनी बनाकर एग्री श्योर (कृषि निधि) योजना में भाग ले सकते हैं।

योजना का लाभ कैसे लें

एग्रीश्योर योजना के लिए आवेदन करने के लिए नाबार्ड के जरिये आगे बढ़ना होगा। NABARD की वेबसाइट से आवेदन पत्र प्राप्त करें। आवेदन पत्र में सभी जानकारी को सही तरह से भरें। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेजों संलग्न करें, आवेदन पत्र और आवश्यक दस्तावेजों को निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित अधिकारियों को जमा करें।

निष्कर्ष

एग्रीश्योर फंड योजना भारत में कृषि क्षेत्र की वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह स्टार्ट-अप और ग्रामीण उद्यमों के लिए क्षेत्र के आधुनिकीकरण और परिवर्तन में योगदान करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है।

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