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मखाना की खेती खोल रही कमाई के नए द्वार

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मखाना, जिसे फॉक्स नट्स के रूप में भी जाना जाता है, भारत में एक लोकप्रिय स्नैक है और इसका उपयोग पारंपरिक आयुर्वेदिक दवाओं में भी किया जाता है। मखाना बीज द्वारा उत्पादित किया जाता है और मुख्य रूप से तालाबों, झीलों और आर्द्रभूमि के स्थिर पानी में पाया जाता है। मखाने की खेती कैसे करें मखाना और इसकी उन्नत खेती के लिए अधिकतम मात्रा में जल उपलब्ध होना चाहिए। निम्नलिखित तरीकों से Foxnuts Farming की जा सकती है।  मखाना एक बहुत ही लोकप्रिय खाद्य पदार्थ है। भारत में खुशखबरी है। क्योंकि यहां इसकी खेती के लिए उचित जलवायु और मृदा है। इसकी खेती भारत के अनेक हिस्सों में की जाती है। मखाना की फसल जलजमाव वाली जमीन पर अच्छी पैदावार देता है। इसके फायदे को जानकर जमींदार लोग अपने खेत को मखाना उत्पादन के लिए कुछ साल के लिए किराए पर दे रहे हैं। जिन खेतों में पिछले कई सालों से खेती नहीं हो रही है। उन खेतो से मखाना उत्पादन करके आमदनी की जा रही है। इसकी खेती के लिए व्यापक ज्ञान, समय और धैर्य की जरूरत होती है क्योंकि फोक्स नट्स की फसल में कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं जैसे कीटों और बीमारियों से निपटना इत्या...

सर्दियों में पशुपालन की देखभाल कैसे करें

ठण्ड के मौसम में पशुओ को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही बीमारियों की संभावना भी बढ़ जाती है। जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। सर्दियों से पशुओ को बचने का विशेष प्रवन्ध करना जरुरी है, गाय ठंड के प्रति संवेदनशील होती है। इस मौसम में गाय को साफ गुनगुना या ताज़ा पानी पीने को दे साथ ही बड़ी गाय को 500 ग्राम गुड़ प्रतिदिन सर्दियों में खाने को देना चाहिए। साथ ही नमी से दूर रखें। पशुओं को ठण्ड से बचाने के तरीके सर्दी का समय आते ही वातावरण में बदलाव होने लगता है। और पशुओ के लिए भी यह बदलाव महत्वपूर्ण है। ठण्ड में अपने पशुओ को सर्दी लगने से बचाना जरुरी है। किसान अपने पशुओं को ठंड के मौसम से बचाने के लिए उनके रहने का उचित प्रवन्ध करे। हवा के द्वारा ठण्ड लगने का खतरा अधिक रहता है। ठंडी हवा से पशुओ को बचाकर सर्दी होने से बचाया जा सकता है। ठण्ड लगने से पशु सुस्त हो जाता है। पशु चारा छोड़ देता है। साथ ही निमोनिया जैसे रोगो का खतरा बढ़ जाता है। सर्दियों में पशुओं के दूध में भारी कमी हो सकती है। सर्दियों में हरे चारे की मात्रा कम कर देनी चाहिए। साथ ही पानी का उपयोग कम से कम करे। पशुओं को अधिक ठंडी...

Green manure: खेत में हरी खाद बनाएं

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हरी खाद बनाने की विधि का संक्षिप्त वर्णन अगर आप हरी खाद बनाने की सोच रहे है। तो सबसे पहले आपको उसके सही क्रम के बार में जानना चाहिए। अगर आप सही तरीके से खाद बनाने का क्रम जान लेते है। तो आपका खाद कम लगत में अच्छा काम करेगा। आगे जानते है।  ऐसा कोई किसान नहीं है जो हरी खाद के बारे में नहीं जानता हो। इसमें से कई तो इस प्राकृतिक खाद का उपयोग करते हैं। Green Manuring का उपयोग किसान लंबे समय से कर रहे हैं। यह खेतो में को आवशयक पोषक तत्व प्रदान करती है। तो आज हम हरी खाद बनाने का तरीका के बारे में जानेंगे। हरी खाद क्या है? जब भी हम जैविक खाद के बारे में बात करते हैं। तो हरी खाद का नाम सबसे पहले आता है। हरी खाद मुख्यतः प्राकृतिक खाद होता है। जिसे बनाकर मिट्टी में मिला देते हैं। इसमें मुख्यतः नाइट्रोजन, सल्फर, कॉपर, मैग्नीशियम आदि तत्व पाए जाते हैं। हरी खाद के क्रम में प्राकृतिक खाद भी आती है।  जैसा की नाम से ही इसकी पहचान हो रही है। हरी खाद का सीधा मतलब ऐसी Manure से है जिस खाद को हरियाली के रूप में मृदा को दिया जाता है। इस तरह की खाद में बहुत पोषकतत्व पाए जाते है। इस ढेंचा की खाद...

जिप्सम फसल उत्पादन में कैसे सहायक है ?

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जिप्सम कृषि में प्रयुक्त होने वाला एक महत्वपूर्ण उर्वरक है। जिप्सम क्या है? आपको जिप्सम के बारे में क्या पता होना चाहिए। इस लेख में हम जिप्सम की परिभाषा और जिप्सम के उपयोग क्या हैं, इस पर चर्चा करेंगे। खेत में जिप्सम की कितनी मात्रा डालनी चाहिए? ताकि फसल को जिप्सम के पोषक तत्व पूरी तरह मिल सकें। हम जिप्सम के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। आप यहां जिप्सम की उपयोगिता भी जान सकेंगे। ज़िप्सम क्या है? जिप्सम एक तहदार खनिज पदार्थ है। जो माइंस के द्वारा बड़ी-बड़ी खानों से प्राप्त किया जाता है। जिप्सम को कैलशियम सल्फेट डाइर्हाइड्रेट भी कहते हैं। इस का रासायनिक सूत्र caso4.2h2o है। जिप्सम को बनाने में कैलशियम, सल्फर, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन से मिलकर बना होता है। जिप्सम सल्फर का अच्छा स्रोत है। इसे दलहन एवं तिलहन फसलों में इस्तेमाल करने से उनकी गुणवत्ता 10 -20 % वृद्धि देखी जा सकती है। मृदा की सेहत को सुधारने के लिए जिप्सम का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। जिप्सम एक प्रकार की मिट्टी होती है। जो एक प्रक्रिया द्वारा तैयार करके जिप्सम के रूप में प्रयोग करते हैं। यह राजस्थान के बीकानेर में पाई जाती है। जिप्स...